चैत्रनवरात्रि में कैसे रखें अपनी सेहतका ध्यान-डाइटीशियन पूनम असवाल

साल की शुरुआत चैत माह के नवरात्रों के साथ हो रही है तो ऐसे में क्यों न सात्विक और हेल्दी खाने के साथ अपने पर्व को कुछ खास तरीके से मनाएं।
चैत माह के नवरात्रों के समय मौसम ठंड से गर्मियों की तरफ तब्दील होने लगता है, ऐसे में उपवास करते हुए हमें अपने शरीर को कैसे हाइड्रेट रखना है, आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
जैसा कि हम सभी को जानते हैं कि उपवास में फलाहार का सेवन करने का नियम है। इससे न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि अतिरिक्त कैलोरीज़ जमा होने का खतरा भी कम हो जाता है।
नवरात्रि में शरीर को हेल्दी रखने के लिए एक सही डाइट का चुनाव किया जाए जिससे उपवास के दौरान भी शरीर स्वस्थ और सक्रिय रह सके। नौ दिन के इस अवधि में सही डाइट से एपिटाइट को नियंत्रित करके शरीर को भरपूर पोषण की प्राप्ति हो सकती है।
व्रत के दौरान शरीर में कमज़ोरी बढ़ने लगती है। ऐसे में डाइट प्लान में हेल्दी मील्s को प्लान करें।
नवरात्रि व्रत के दौरान खानपान में कई प्रकार के बदलाव किए जाते हैं। इन नौ दिनों में आहार में फलाहार का सेवन किया जाता है। उपवास के दौरान सिघांड़े और कुट्टू के आटे का सेवन किया जाता है। इसके अलावा आलू और शहरकंदी का लोग खूब सेवन करते है।
उपवास के दौरान शरीर में एनर्जी का स्तर बढ़ाने के लिए डाइट में मखाने शामिल करना फायदेमंद साबित होता है।
बहुत अधिक कैलोरी लेने से दिनभर ब्लोटिंग का सामना करना पड़ता है। ऐसे में संतुलित आहार लें और तला भुना खाने से बचें।
अगर आप भी चाहती हैं कि व्रत के दौरान बीमार न पड़ें और हेल्दी रहें, तो नवरात्रि के 9 दिनों के लिए अपनी डाइट को कुछ हेल्दी टिप्स और ट्रिक्स के साथ सुचारू किया जा सकता है।
1. ड्राई फ्रूट्स को भिगो कर खाएं
उपवास के दौरान शरीर में एनर्जी का स्तर बढ़ाने के लिए डाइट प्लान में ड्राई फ्रूट्स को शामिल करना फायदेमंद साबित होता है। ऐसे में बार बार प्यास लगने की समस्या से बचने के लिए ड्राई फ्रूट्स को रोस्ट करने की जगह भिगोकर खाएं। इसके अलावा मूंगफली को भी तलने की जगह ड्राई रोस्ट करके या रेसिपीज़ में मिलाकर खा सकते है। इससे शरीर को उच्च पोषण की प्राप्ति होती है। तेल में भूनकर खाने से वॉटर इनटेक बढ़ जाता है, जो ब्लोटिंग का कारण बनने लगता है।
2. तेल की बजाए देसी घी का करें इस्तेमाल
डाइट प्लान में रिफांइड कुकिंग ऑयल की जगह घी का इस्तेमाल करें। इससे शरीर को विटामिन ए और ई के अलावा गुड फैट्स की प्राप्ति होती है। इससे शरीर में पाचन क्रिया उचित बनी रहती है और न्यूट्रिएंट्स की भी भरपूर प्राप्ति होती है।
3. संतुलित डाइट चार्ट बनाएं
• उपवास के दौरान फलों, सूखे मेवों और सब्जियों का इस्तेमाल करें। ये आपको ऊर्जा देने के साथ-साथ पोषक तत्व भी प्रदान करेंगे।
• सब्जियों जैसे लौकी, टोरी, कद्दू, और पालक को अपने भोजन में शामिल करें। ये हल्की और पौष्टिक होती हैं।
• आलू और मेवों का भी सेवन कर सकते हैं, लेकिन इनका अधिक सेवन न करें।
4. ज़ीरो शुगर और ज़ीरो सॉल्ट से बचें
कुछ लोग उपवास के दौरान चीनी या नमक का त्याग कर देते है। इससे शरीर में कमज़ोरी और थकान का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अधिक मात्रा में आहार में रिफांइड चीनी की जगह शहद, गुड़ और फलों का सेवन करें। वहीं नमक की भी नियमित मात्रा आहार में बनाए रखें। इससे शरीर को आयोडीन की प्राप्ति होती है। जहां ज्यादा नमक हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है, तो वहीं कम नमक से मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है।
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5. खाली पेट खट्टे फलों के सेवन से बचें
भूख लगने की समस्या को हल करने के लिए साइट्रिक फ्रूट्स का ज्यादा सेवन एसिडिटी की समस्या को बढ़ा देता है। इसके लिए उपवास के दौरान खाली पेट संतरा और ग्रेप फ्रूट का सेवन करने की जगह केला और सेब खाएं।
6.हाइड्रेशन का ख्याल रखें
नवरात्रि में उपवास करते समय पानी काफी जरूरी है। हर दिन कम से कम 8-10 ग्लास पानी पिएं। अगर आप उपवास कर रहे हैं, तो नारियल पानी, नींबू पानी, और ताजे फलों के रस भी पी सकते हैं, जो आपको हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करेंगे।
7. लाल मिर्च की जगह काली मिर्च खाएं
भोजन में स्वाद को जोड़ने के लिए लाल मिर्च की जगह काली मिर्च का सेवन करें। काली मिर्च से पाचन मज़बूत बनता है और इससे लो ब्लड प्रेशर की समस्या से बचा जा सकता है।
नवरात्रि के 9 दिन आशा करती हूं कि इन टिप्स और ट्रिक्स के साथ आपका ऊर्जा से भरपुर रखेंगे और इस तरह से आप अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए नवरात्रि का पूरा मजा ले सकते हैं।
शुभ नवरात्रि